रविवार, 7 मई 2017

चन्द माहिया : क़िस्त 38

चन्द माहिया : क़िस्त 38
:1:

 उनका  मैं दीवाना
देख रहें ऐसे
जैसे मैं  बेगाना

:2:
कोरी न चुनरिया है
कैसे मैं आऊँ ?
खाली भी गगरिया है

;3:
कुछ भी तो नही लेती
ख़ुशबू ,गुलशन से
फूलों का पता देती

:4:
दुनिया का मेला है
सब तो अपने ही
दिल फिर भी अकेला है

:5:
मुझको अनजाने में
लोग पढ़ेंगे कल
तेरे अफ़साने में

-आनन्द.पाठक-
08800927181

कोई टिप्पणी नहीं: