गुरुवार, 31 दिसंबर 2015

चन्द माहिया : क़िस्त २६

नए वर्ष की प्रथम प्रस्तुति.....
चन्द माहिया : क़िस्त 26
 
 :1:

बस इतना तो कर माहिया
आ के चुपके से
कर दिल में घर  माहिया

:2:
साँसो का बन्धन है
टूटेगा कैसे ?
रिश्ता जो पावन है

:3:
दिल और धड़कने दो
रुख पे है पर्दा
कुछ और सरकने दो

:4:
कुछ अपनी आदत है
हुस्न परस्ती में
कुछ रंग-ए-इबादत है

:5:
आती है सदा फिर भी
लाख ख़फ़ा हो तुम
रहती है वफ़ा फिर भी

-आनन्द.पाठक-
09413395592


मंगलवार, 15 दिसंबर 2015

चन्द माहिया :क़िस्त 25


:1:
टूटा जो खिलौना है
ये तो होना था
किस बात का रोना है

:2:
नाशाद है खिल कर भी
प्यासी है नदिया
सागर से मिल कर भी

:3:
कुछ दर्द दबा रखना
आँसू हैं मोती
पलको में छुपा रखना

:4:
इतना तो बता देते
क्या थी ख़ता मेरी
फिर चाहे सजा देते

:5:
बस हाथ मिलाते हो
आसाँ है ,लेकिन
रिश्ता न निभाते हो

-आनन्द.पाठक-
09413395592

शनिवार, 5 दिसंबर 2015

चन्द माहिया: क़िस्त 23

चन्द माहिया : क़िस्त 23
:1:
रिश्तों की तिजारत में
ढूँढ रहे हो क्या
नौ फ़स्ल-ए-रवायत में

:2:

कुछ ख़ास नहीं बदला
छोड़ गई जब से
अब तक हूँ नहीं सँभला

:3:
ये ख़ून बहा किसका
मैं क्या जानू रे !
कुर्सी से रहा चिपका

:4:
अच्छा न बुरा जाना
दिल ने कहा जो भी
बस वो ही सही माना

:5:
वो आग लगाते है
अपना भी ईमां
हम आग बुझाते हैं

-आनन्द.पाठक-
09413395592